Category Archives: मनकी बात

सुनोतो !!

कुछतो कह्नेका मन हैं ।  राजनितिपे रोनेका मन है।  हमभी देशवासी है। देशके लिये कुछ करेनेका हक्क है। जो चल रहाहै देशमें देख नही पाते हैं । मन मचलताहें जब सो नही पाते हैं । कोने कोनेसे खबरोंकी बहार आती … पढना जारी रखे

Rate this:

मनकी बात में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

जीवनके रंग

जीवनके विविध रंग है। रंगोको किस प्रकारसे हम जीवन में भरते है वह मह्तव्पूर्ण है। अकसर हम दूसरोके चित्र के रंगोको देखते है और गलतियां कर जाते है। परीणाम स्वरुप हम अपने चित्रको देखना ही छोड देते है । दूसरोके … पढना जारी रखे

Rate this:

मनकी बात में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

नया साल मुबारक !!!

किसी व्यक्ति को आप अच्छा या बुरा तभी कह शकते हो ,जब आप अच्छे बुरे को पहचानते हो । सही में कोई व्यक्ति कायम अच्छा भी नहीं होता और कायम बुरा भी नही होता ।कोई हमारे लिये बुरा हो मगर … पढना जारी रखे

Rate this:

मनकी बात में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

परिग्रह

इन्सान बचपन से लेकर बुढापा आने तक परिग्रह करता ही रहतां हैं । बचपनमें जितने खिल्लोने मिलते हैं बहुत ही कम से खेलता है, बाकी पडे रहते हैं ,फिर नये आते हैं । बचपनसे ही परिग्रहकी शुरूआत होती हैं । … पढना जारी रखे

Rate this:

मनकी बात में प्रकाशित किया गया | Tagged , | टिप्पणी करे

स्वार्थ

अनेक लोग जिवनमें मिलते है , आप सभीको संतोष नही दे पाते। जो कोई भी आपको मिलता हैं चाहे आपके घर्के लोग हो यातो बाहरके लोग । हंमेशा एक प्रकारका व्यवहार आप नहीं कर पाते । संजोग और आपका मूड दोनो … पढना जारी रखे

Rate this:

मनकी बात में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

समय के अनुसार चलों ।

समय आज् बदल रहा हैं । रहन सहन और पहनावें में भारी बदलाव आ चूका है और आ रहा हैं ।धोती कुर्ता और पाजामा की जगह जीन्स पेन्ट आ चुके हैं । खानेमें चावल रोटीकी जगह बरगर आ चूके हैं … पढना जारी रखे

Rate this:

मनकी बात में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

अभिप्राय

जीवनमें इन्सानको हर व्यक्ति विषेष से कुछ न कुछ अभिप्राय होते हैं । कुछ अच्छे कुछ बुरे। इन्ही अभिप्रायके माध्यमसे ,इन्सान हमे पसंद होता हैं ,और नापसंद होता हैं। अगर हम किसीके प्रति जो अभिप्राय बांधते हैं,वही हमारी गलती हैं … पढना जारी रखे

Rate this:

मनकी बात में प्रकाशित किया गया | Tagged | 1 टिप्पणी